चेन्नई: शीर्ष क्रम की असफलता और पिछले मैच में हार के बाद दबाव में घिरी गत चैंपियन भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ गुरुवार को होने वाले टी२० वर्ल्ड कप सुपर ८ के “डू ऑर डाई” मैच में अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी दिखानी होगी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को ७६ रन की हार के बाद भारत का नेट रन रेट (-३.८०) खराब हो गया है। इसलिए सेमीफाइनल की संभावनाओं को जीवित रखने के लिए भारत को यह मैच किसी भी हाल में बड़े अंतर से जीतना होगा।
इसके लिए भारत को बल्लेबाजी की शुरुआत और तीसरे नंबर की समस्या से छुटकारा पाना जरूरी है। टूर्नामेंट की शुरुआत में असाधारण फॉर्म में रहने वाले अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की ओपनिंग जोड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है। खासकर अभिषेक शर्मा की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। उन्हें सिर्फ स्पिन गेंदबाजों ही नहीं, बल्कि पेस गेंदबाजों के सामने भी संघर्ष करते देखा गया है।
उन्होंने टूर्नामेंट में चार मैच खेले हैं, जिनमें तीन बार उन्होंने खाता भी नहीं खोला और पिछले मैच में सिर्फ १५ रन बनाए। इसके अलावा ईशान किशन ने शुरुआती दो मैचों में लगातार अर्धशतक बनाए, लेकिन पिछले दो मैचों में उनकी प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रही।
अभिषेक और ईशान में से कोई एक शुरुआती विकेट होने पर तीसरे नंबर पर खेलने वाले तिलक वर्मा को ओपनर की भूमिका निभानी पड़ रही है। तिलक भी हर मैच में रन बनाने में संघर्ष कर रहे हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी चिंता का विषय है।
अब जिम्बाब्वे के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच में भारत को इन तीनों शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से अच्छा प्रदर्शन चाहिए। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अमेरिका के खिलाफ मैच में अर्धशतक लगाया, लेकिन बाकी मैचों में अपनी छाप नहीं छोड़ सके। उन्होंने अब तक १८० रन बनाए हैं, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट १२७ है, जो उनके टी२० करियर के १६१ के स्ट्राइक रेट से काफी कम है।
शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या ने निचले क्रम में आक्रामक इनिंग्स नहीं खेली होती, तो भारत कुछ मैचों में सम्मानजनक स्कोर भी नहीं बना पाता। ईशान, अभिषेक और तिलक जैसे तीन बल्लेबाजों के खिलाफ विपक्षी टीमें अफ स्पिनरों का इस्तेमाल कर रही हैं और इसमें सफल भी रही हैं।
ऐसे हालात में टीम मैनेजमेंट सूर्यकुमार को तीसरे और तिलक को चौथे नंबर पर खेला सकता है। इसके अलावा, अस्वस्थ पिता से मिलने के लिए घर लौटे रिंकू सिंह की जगह जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू सैमसन को मौका मिल सकता है।
जिम्बाब्वे की स्पिन गेंदबाजी इतनी खतरनाक नहीं है, लेकिन उनकी पेस आक्रमण अच्छी है। ब्लेसिंग मुज़रबानी, रिचर्ड एनगारावा और ब्राड इवांस भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश कर सकते हैं।
भारतीय गेंदबाज टूर्नामेंट की शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए गेंदबाजी को लेकर चिंता कम है। पिछले मैच में वरुण चक्रवर्ती महंगे साबित हुए, लेकिन उनमें वापसी की क्षमता है। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या पेस आक्रमण संभालेंगे। इनके साथ शिवम दुबे भी हैं, जबकि स्पिन आक्रमण में वरुण के साथ अक्षर पटेल खेल सकते हैं। अक्षर भारतीय टीम के उपकप्तान भी हैं।
पिछले दो मैचों में अक्षर की जगह वाशिंगटन सुंदर को खिलाने की गलती से सीख लेते हुए टीम मैनेजमेंट जिम्बाब्वे के खिलाफ अक्षर को मौका देने के लिए तैयार हैं।








