नई दिल्ली: इस साल भारत के मॉनसून पर एल नीनो की छाया है। अमेरिकी मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि जून से अगस्त तक एल नीनो बनने की संभावना ६२ प्रतिशत है, जो अगले महीनों में ८० प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एल नीनो आमतौर पर भारत में कमजोर या सामान्य से कम मॉनसून लाता है। इससे अत्यधिक गर्मी और सूखे की स्थिति बन सकती है। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव एम. राजीव ने कहा कि अगले दो महीनों में स्थिति और स्पष्ट होगी, लेकिन इस वर्ष एल नीनो की संभावना काफी अधिक है।
एल नीनो प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्री सतह के तापमान के बढ़ने से बनता है, जो विश्व के मौसम पैटर्न को प्रभावित करता है। 1980 से अब तक भारत में 14 एल नीनो वर्ष दर्ज हुए हैं, जिनमें 9 साल कमजोर मॉनसून रहे।









