नई दिल्ली: एनपीसीआई, आईबीए और डीएवाई–एनआरएलएम के साथ साझेदारी में यह परियोजना छोटी राशि वाले समावेशी डिजिटल ऋणों के राष्ट्रव्यापी विस्तार की दृष्टि से एक वृद्धिशील मॉडल सिद्ध होगी।
भारत के अंतरराष्ट्रीय बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने घोषणा की कि बैंक द्वारा सत्यापित प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) खाताधारक महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों के लिए यूपीआई पर क्रेडिट लाइन के तहत ओवरड्राफ्ट (ओडी) सुविधा देने की शुरुआत की गई है और इस डिजिटल ऋण नवाचार को लागू करने वाला देश का पहला बैंक बन गया है। इस पहल के तहत ₹५,००० की ओवरड्राफ्ट सुविधा तक बाधारहित डिजिटल पहुँच प्रदान की जा रही है, जिससे वित्तीय समावेशन को गति मिलेगी और महिलाओं के नेतृत्व में आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
महिला एसएचजी सदस्यों के लिए यूपीआई पर क्रेडिट लाइन सक्रिय करने वाली इस परियोजना का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हैदराबाद में आयोजित ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत २५वीं केंद्रीय स्तरीय समन्वय समिति बैठक में किया गया।
राष्ट्रीय भुगतान निगम, भारतीय बैंक संघ और दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से शुरू की गई यह सुविधा यूपीआई पर क्रेडिट लाइन के एकीकरण के माध्यम से डिजिटल ऋण उपलब्ध कराती है। पात्र सदस्य अपने ओवरड्राफ्ट का डिजिटल रूप से उपयोग और भुगतान कर सकते हैं। वे व्यापारिक त्वरित संकेत के माध्यम से ओडी क्रेडिट लाइन से भुगतान करने तथा शेष राशि और लेनदेन का विवरण देखने के लिए किसी भी यूपीआई सक्षम अनुप्रयोग के माध्यम से अपने एसएचजी सदस्य ओडी खाते को जोड़ सकते हैं, जिससे शाखा जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक संजय मुदालियर ने कहा, “बैंक ऑफ बड़ौदा महिला एसएचजी सदस्यों के लिए यूपीआई पर क्रेडिट लाइन ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान करने में अग्रणी बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। यह डिजिटल वित्तीय समावेशन में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। राष्ट्रीय भुगतान निगम, भारतीय बैंक संघ और दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से यह पहल जमीनी स्तर पर महिला उद्यमियों को औपचारिक ऋण तक सरल और पारदर्शी पहुँच प्रदान कर सशक्त बनाती है। यह पहल छोटी राशि के ऋणों के लिए एक वृद्धिशील ढाँचा तैयार कर रही है और देशभर में महिलाओं के नेतृत्व में आर्थिक विकास को सुदृढ़ कर रही है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए राष्ट्रीय भुगतान निगम की कार्यकारी निदेशक (विकास) सोहिनी राजोला ने कहा, “राष्ट्रीय भुगतान निगम लोगों में यूपीआई की स्वीकार्यता बढ़ाते हुए पूरे भारत में वित्तीय सेवाओं तक पहुँच का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा महिला एसएचजी सदस्यों के लिए यूपीआई ओडी सुविधा पर क्रेडिट लाइन की शुरुआत औपचारिक ऋण तक सुविधाजनक और पारदर्शी पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाएगी, अधिक वित्तीय विकल्प प्रदान करेगी तथा भारत की समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देगी।
यूपीआई–ओडी सुविधा पर क्रेडिट लाइन के प्रमुख लाभ:
- चयनित लाभार्थियों के लिए डिजिटल ऋण तक पहुँच: महिला एसएचजी सदस्यों को किसी भी यूपीआई अनुप्रयोग के माध्यम से ₹५,००० तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा तक सरल डिजिटल पहुँच मिलती है।
- सशक्तिकरण और समावेशन: ग्रामीण महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण, समावेशन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।
- ऋण इतिहास का निर्माण: औपचारिक ऋण अभिलेख तैयार करती है, जिससे एसएचजी महिलाओं को भविष्य में अधिक राशि के ऋण प्राप्त करने की पात्रता मिलती है।
- पारदर्शिता और निगरानी: धन अंतरण, उपयोग और भुगतान की संपूर्ण निगरानी सुनिश्चित करती है।
- विस्तार की क्षमता: ऐसा ढाँचा तैयार करती है जिसे देशभर में अन्य समावेशन-केंद्रित वित्तीय उत्पादों और लघु राशि ऋण पहलों के लिए अपनाया जा सकता है।
- सरकारी प्राथमिकताओं में सहयोग: यह पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री जन धन योजना और डिजिटल भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप है।







