बारानगर में वृक्षों काे काटने के विरोध में स्थानीय निवासियों का विरोध

IMG-20250517-WA0140

बारानगर: हाईकोर्ट ने बारानगर नगरपालिका के वार्ड १४ और १५ से सटे आरआईसी बाजार क्षेत्र में केंद्र सरकार के अधीन ८० बीघा जमीन की देखभाल की जिम्मेदारी एक ठेकेदार कंपनी को सौंपी है। ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है। क्षेत्र के लोगों ने आरोप लगाया है कि वहाँ दीवार का निर्माण न्यायालय के निर्देशानुसार नहीं किया गया, न ही बाहर से कोई सामग्री लाई गई, तथा न ही किसी को बाहर से लाकर वहां रखा गया। इसके बावजूद कुछ लोग अदालती आदेशों की अनदेखी करते हुए कई प्राचीन वृक्षों को अवैध रूप से काट रहे हैं और इन वृक्षों की लकड़ी अवैध रूप से अन्यत्र सप्लाई की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि मना करने पर किसानों ने उन्हें धमकी भी दी। ऐसे में गुरुवार को स्थानीय निवासी वहां एकत्र हुए और अपना रोष जताया। साथ ही, सड़कों को अवरुद्ध करने और सरकारी भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश करने वालों से तुरंत यह अवैध गतिविधि बंद करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जनता की शिकायतों के बाद, स्थानीय पार्षद शांतनु मजूमदार पर ठेका एजेंसी के श्रमिकों को वहां काम करने से रोकने का आरोप लगाया गया, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच लड़ाई हो गई। अंततः बारानगर पुलिस स्टेशन से गार्ड पहुंचे और स्थिति को शांत किया। इस संबंध में विधायक सायंतिका बनर्जी ने यह नहीं बताया कि क्या कोई अवैध गतिविधियां हो रही हैं। स्थानीय लोगों की मांगें जायज हैं। न्यायालय के आदेश के विपरीत बड़े पेड़ों की अवैध कटाई या भूमि पर अतिक्रमण का कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने पुलिस से इस मामले पर नजर रखने का अनुरोध किया है। पुलिस कड़ी नजर रख रही है।

About Author

Advertisement