बागडोगरा: दार्जिलिंग लोकसभा सांसद राजू बिष्ट को बागडोगरा में आयोजित “गोरखा सांस्कृतिक प्रदर्शनी एवं खाद्य उत्सव–२०२६” में सहभागी हए। इस संबंध में सामाजिक माध्यमों पर जानकारी साझा करते हुए सांसद बिष्ट ने बताया कि गोरखा गौरव संस्थान, सिलीगुड़ी के नेतृत्व में तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से आयोजित इस गोरखा मेले में गोरखा समुदाय की समृद्ध संस्कृति, वेशभूषा, परंपरा, खान–पान और रीति–रिवाजों की भव्य प्रस्तुति की गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल वर्तमान पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि गोरखा समुदाय की जातीय पहचान को अन्य समुदायों तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सांसद ने यह भी कहा कि इस मेले के माध्यम से गोरखा समुदाय के विशिष्ट इतिहास, मौलिक पहचान और जीवंत परंपराओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
आगे उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संस्कृति केवल प्रदर्शनी का विषय नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली, सोच, व्यवहार और आत्मसम्मान का प्रतीक है। संस्कृति को किसी भी समुदाय को जीवित रखने की आधारशिला बताते हुए वक्ताओं ने अपने रहन–सहन, रीति–नीति, सामाजिक आचरण और विचारों को और अधिक परिष्कृत व समृद्ध बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सांसद राजू बिष्ट ने कहा कि नेपाल और भारत जैसे बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक और बहुपरंपरावादी समाजों में सभी समुदायों की सांस्कृतिक विशेषताओं के समावेशी विकास के माध्यम से ही साझा संस्कृति को मजबूत किया जा सकता है। विविधता में एकता को समाज और देश की पहचान बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एक–दूसरे की विशिष्टताओं का सम्मान करते हुए आपसी सहयोग के साथ आगे बढ़ना ही समय की मांग है। राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर संस्कृति, खान–पान और जीवनशैली के माध्यम से समाज को जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी पहचान पर गर्व करना सिखाते हैं और मौलिक अस्तित्व के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।









