ढाका: बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने सरकारी आवास परियोजना में भूमि आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं के दो अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को कुल १० वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, ढाका की विशेष न्यायाधीश अदालत-४ के न्यायाधीश रबीउल आलम ने सोमवार को अपराह्न लगभग १२:३० बजे फैसला सुनाते हुए 78 वर्षीय हसीना को प्रत्येक मामले में पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा दी।
अदालत ने शेख हसीना के साथ उनके रिश्तेदार रदवान मुजीब सिद्दीक, ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक और अजमीना सिद्दीक सहित अन्य आरोपियों को राजुक न्यू टाउन परियोजना के अंतर्गत भूखंड आवंटन में अनियमितताओं का दोषी ठहराया।
फैसले के अनुसार, ट्यूलिप सिद्दीक को प्रत्येक मामले में दो-दो वर्ष, कुल चार वर्ष का कारावास दिया गया है। वहीं रदवान मुजीब सिद्दीक और अजमीना सिद्दीक को दोनों मामलों में सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले एकमात्र आरोपी मोहम्मद खुर्शीद आलम को प्रत्येक मामले में एक-एक वर्ष, कुल दो वर्ष के कारावास की सजा दी गई। साथ ही सभी दोषियों पर एक-एक लाख टका का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है।
गत वर्ष ५ अगस्त को बड़े पैमाने पर हुए जनप्रदर्शनों के बाद शेख हसीना देश छोड़कर भारत चली गई थीं। इससे पूर्व उन्हें अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) ने आरोप लगाया कि अभियुक्तों ने भूमि आवंटन प्रक्रिया में हेरफेर किया तथा राजधानी उन्नयन प्राधिकरण (राजुक) के नियमों और विनियमों का उल्लंघन किया।










