बंधन बैंक का कुल कारोबार ११% बढ़कर २.८८ लाख करोड़ रुपये

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कोलकाता: बंधन बैंक ने वित्तीय वर्ष २०२५-२६ की पहली तिमाही के अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है। बैंक का कुल कारोबार ११% बढ़कर २.८८ लाख करोड़ रुपये हो गया। बैंक की कुल जमा राशि में खुदरा जमा राशि का हिस्सा अब लगभग ६८% है। पहली तिमाही में यह वृद्धि बैंक के विस्तारित वितरण नेटवर्क, बेहतर परिचालन दक्षता और अनुकूल कारोबारी माहौल के कारण हुई। वित्तीय वर्ष २०२५-२६ की पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ ३७२ करोड़ रुपये रहा।
बैंक वर्तमान में भारत के ३६ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से ३५ में ६,३५० से अधिक बैंकिंग आउटलेट्स के माध्यम से ३१.४ करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान करता है। बंधन बैंक में कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्या लगभग ७२,००० है।
वित्त वर्ष २०२६ की पहली तिमाही में, बैंक ने अपनी जमाराशियों में रिकॉर्ड १६% वार्षिक वृद्धि दर्ज की है और अब कुल जमाराशियाँ १.५५ लाख करोड़ रुपये हो गई हैं। इसी अवधि में कुल अग्रिम १.३४ लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गए हैं। कुल जमाराशियों में चालू और बचत खातों (सीएएसए) का अनुपात २७.१% है। वित्तीय स्थिरता का एक प्रमुख संकेतक, बैंक का पूँजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर), १९.४% पर मज़बूत है, जो नियामक सीमा से काफ़ी ऊपर है।
बैंक के तिमाही वित्तीय प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए, एमडी और सीईओ पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा, “बंधन बैंक ने वित्त वर्ष २०२६ की पहली तिमाही में पिछली तिमाही की तुलना में क्रमिक रूप से बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसमें जमा राशि में मज़बूत वृद्धि और खुदरा व थोक बैंकिंग में निरंतर गति शामिल है। हालाँकि परिचालन वातावरण कुछ चुनौतियाँ प्रस्तुत करता है, हमारा प्रदर्शन हमारे व्यवसाय की अंतर्निहित लचीलापन और हमारी रणनीतिक दिशा की मज़बूती को दर्शाता है। हम विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन, परिचालन दक्षता और अपने ग्राहकों और हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने पर केंद्रित हैं।”
बैंक अपने खुदरा पोर्टफोलियो के विस्तार पर रणनीतिक ज़ोर देते हुए अपने परिसंपत्ति आधार में विविधता लाने पर केंद्रित है। दक्षता बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजिटलीकरण में तेज़ी लाना बैंक प्राथमिकता बनी हुई है।

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