बंगाल में भाषा और संस्कृति की रक्षा को लेकर टीएमसी का आक्रामक रुख

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कोलकाता: भाषा और संस्कृति को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ मंगलवार को डोरिना क्रॉसिंग पर एक नया आंदोलन शुरू किया। पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी हालत में बंगाल को दबाया नहीं जा सकता।
टीएमसी श्रमिक संघ आईएनटीटीयूसी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद ऋतव्रत बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “पांच हजार वर्षों से बंगाल में बंगालियों का निवास है और बांग्ला भाषा का इतिहास १२०० वर्ष पुराना है। उसी भाषा को आज ‘बांग्लादेशी भाषा’ कहा जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
ऋतव्रत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए सेना तक का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल को मिटाने के हर प्रयास नाकाम होंगे।
बता दें कि मेयो रोड पर गांधी मूर्ति के पास टीएमसी के धरना मंच को सेना द्वारा हटाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं और धरना स्थल को डोरिना क्रॉसिंग में स्थानांतरित कराया गया। पहले दिन का नेतृत्व ऋतव्रत बनर्जी ने किया। उनके साथ कई वरिष्ठ नेता जैसे वैश्वानर चट्टोपाध्याय, अरूप बिस्वास, जयप्रकाश मजूमदार, तन्मय घोष और अलोक दास भी मौजूद थे।

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