सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक डॉ. शंकर घोष ने कहा कि बंगाल के बजट ने एक बार फिर तृणमूल के वास्तविक “मॉडल” को स्पष्ट कर दिया है, जहां विकास नहीं, बल्कि तुष्टीकरण को प्राथमिकता दी गई है।
सोशल मीडिया के माध्यम से डॉ. घोष ने बताया कि उद्योग, वाणिज्य और उद्यम के लिए १,४८३.९७ करोड़ रुपये, जबकि अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा के लिए ५,७१३.६१ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि रोजगार और आर्थिक पुनरुद्धार के लिए बजट बेहद कम है, जबकि वोट-बैंक राजनीति के लिए बजट अत्यधिक रखा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर बंगाल की ओर देखें तो तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाती है। सड़क, अस्पताल, रोजगार और संचार—हर क्षेत्र में लंबे समय से अभाव झेल रहे उत्तर बंगाल को केवल ९२०.१३ करोड़ रुपये मिले हैं। वोट के समय याद करते हैं, बजट में भूल जाते हैं।

इसी तरह विधायक ने कहा कि इस बजट में गंभीर औद्योगीकरण की कोई योजना नहीं है, रोजगार सृजन का कोई रोडमैप नहीं है, क्षेत्रीय विकास में संतुलन नहीं है, और केवल लक्षित तुष्टीकरण की राजनीति चल रही है।









