फ्रांस और भारत मिलकर एआई के लिए नया ढांचा तैयार करेंगे: मैक्रों

article-22

नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि फ्रांस और भारत मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए एक नया ढांचा तैयार करेंगे, जिसमें नवाचार को जिम्मेदारी से और प्रौद्योगिकी को मानवता के साथ जोड़ा जाएगा। यह बयान उन्होंने एआई इम्पैक्ट समिट में दिया, जहां उन्होंने दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण पर जोर दिया।
फ्रांस और भारत का साझा दृष्टिकोण:
मैक्रों ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच डिजिटल उपकरणों को समावेशी दृष्टिकोण की ओर निर्देशित करने की आवश्यकता बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि संप्रभु एआई का उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा करना और सभी के लिए समृद्धि को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि फ्रांस में १५ वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
एआई के उपयोग पर नियमों की आवश्यकता:
मैक्रों ने एआई क्षेत्र के लिए नियम तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इसे केवल उस समय नियंत्रित किया जा सकता है जब इसे साझेदारी और जिम्मेदारी से किया जाए। उन्होंने भारत को इस दिशा में एक प्रमुख सहयोगी बताते हुए कहा कि दोनों देशों को मिलकर एआई के भविष्य को आकार देना होगा।
भारत की डिजिटल प्रगति पर सराहना:
मैक्रों ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की सराहना की और इसे डिजिटल क्षेत्र में भारत की बड़ी सफलता के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “भारत ने १.४ अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान बनाई है, जो दुनिया में कोई और देश नहीं कर सका।”
बच्चों की सुरक्षा और एआई:
फ्रांस में १५ साल से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर चर्चा करते हुए मैक्रों ने उम्मीद जताई कि भारत भी इस दिशा में कदम उठाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा, “आप भी इस क्लब का हिस्सा बनेंगे, जो हमारे युवा नागरिकों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है।”
एआई का भविष्य:
मैक्रों ने कहा, “एआई’ का भविष्य उन लोगों द्वारा गढ़ा जाएगा जो नवाचार और जिम्मेदारी को जोड़ते हैं और प्रौद्योगिकी के साथ मानवता को शामिल करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि AI के क्षेत्र में नवाचार और रचनात्मकता का लाभ उठाने के लिए लक्षित वित्तपोषण आवश्यक होगा।

About Author

Advertisement