नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एआई और डीपटेक स्टार्टअप के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ बैठक की। इस बैठक में कृषि, पर्यावरण संरक्षण और मातृभाषा में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे क्षेत्रों में कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक में डेटा गवर्नेंस की आवश्यकता पर जोर दिया और भारत की जरूरतों के अनुसार समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को डिजिटल नवाचार का एक बेहतरीन उदाहरण बताया और भारतीय कंपनियों पर विश्वास जताया।
प्रधानमंत्री ने मातृभाषा में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एआई उपकरणों के विस्तार का सुझाव दिया और स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता को बताया। साथ ही, कृषि क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल से फसल उत्पादकता और जलवायु जोखिम प्रबंधन में सुधार की बात भी की।
बैठक में १६ प्रमुख एआई और डीपटेक स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापकों ने अपने विचार साझा किए। इनमें एब्रिज, अदालत एआई, क्रेडो एआई, ग्लीन और कई अन्य शामिल थे।










