पार्टियों के खिलाफ प्रतिशोधपूर्ण राजनीति न करें कीनेपाली कांग्रेस ने अंतरिम सरकार को दी चेतावनी

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काठमांडू: नेपाली कांग्रेस ने सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को चेतावनी दी है कि वह राजनीतिक दलों के खिलाफ प्रतिशोधपूर्ण राजनीति और दंडमुक्ति को बढ़ावा देने वाली नीतियों से बचें। कांग्रेस ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सरकार का रवैया संविधान, कानूनी शासन और मानवाधिकारों के खिलाफ है।
कांग्रेस ने भाद्र २३ और २४ (८-९ सितंबर २०२५) को हुए हिंसक घटनाओं की निंदा की, जिसमें जेन-जी पुस्ता के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की गई। इन घटनाओं में ७६ से अधिक लोगों की जान गई, सैकड़ों घायल हुए और अरबों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। कांग्रेस ने इन घटनाओं की जांच के लिए सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग का स्वागत किया, लेकिन आयोग के दुरुपयोग और राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं पर प्रतिशोधपूर्ण कार्रवाई की आलोचना की। विज्ञप्ति में कहा गया, “सरकार ने राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूर्वाग्रहपूर्ण तरीके से कार्रवाई शुरू की है।
आयोग को गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक तरीके से अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने के लिए उकसाया जा रहा है। नेताओं के पासपोर्ट जब्त करना और देश के भीतर आवाजाही पर रोक लगाना स्पष्ट रूप से राजनीतिक प्रतिशोध का संकेत है।” कांग्रेस ने गृह मंत्रालय के ९ भाद्र २०८२ (२५ अगस्त २०२५) के परिपत्र की भी निंदा की, जिसमें हथियारों के साथ आतंक फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने की बात कही गई है। पार्टी ने इसे संविधान और कानूनी शासन का उल्लंघन बताया।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि पीड़ितों को आतंकित करने और अपराधियों को दंडमुक्ति देने की नीति नेपाली जनता को स्वीकार्य नहीं होगी। पार्टी ने सरकार से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शांति और सुव्यवस्था कायम करने की मांग की है।(स्रोत: नेपाली कांग्रेस के मुख्य सचिव कृष्ण प्रसाद पौडेल द्वारा जारी विज्ञप्ति)

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