लाहौर: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की विधानसभा में एक ऐसा प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय गलियारों में शुरू हो गई है। सत्तारूढ़ पार्टी पीएमएल-एन (पीएमएल-एन) के नेता राणा अरशद ने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ, सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की मांग की है।प्रस्ताव के पीछे का तर्कप्रस्ताव में कहा गया है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच हालिया तनाव के दौरान पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने बेहतरीन कूटनीति का परिचय दिया, जिससे दुनिया एक बड़े युद्ध के खतरे से बच गई। सदन ने इस “सफल कूटनीति” की सराहना की है और इसे वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा कदम बताया है।मध्यस्थ या केवल संदेशवाहक?बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सशर्त युद्धविराम पर सहमति बनी है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने इसमें बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन कूटनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। खुद पाकिस्तानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि असली ‘गारंटर’ चीन है और पाकिस्तान की भूमिका केवल एक मध्यस्थ के रूप में रही।इस्लामाबाद में हाई-प्रोफाइल बैठकइस कूटनीतिक हलचल के बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। वह वहां ईरान के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रस्तावित बातचीत में हिस्सा लेंगे। २०११ के बाद किसी वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का यह पहला बड़ा पाकिस्तान दौरा होगा। हालांकि, इजरायल ने अभी भी इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह जताया है।








