कोलकाता: राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस (कार्यपालिका) अधिकारियों की पदोन्नति से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन लागू किया है। मंगलवार को नवान्न में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस निर्णय की घोषणा की। बुधवार को कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने अधिसूचना जारी कर संशोधन को औपचारिक रूप से प्रभावी कर दिया।
जारी अधिसूचना के अनुसार, लगातार पाँच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण करने वाले डब्ल्यूबीसीएस (कार्यपालिका) अधिकारी अब सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अथवा सब-डिविजनल अधिकारी (एसडीओ) पद पर नियुक्ति के लिए विचारार्थ पात्र होंगे। इस पाँच वर्षीय अवधि में प्रोबेशन काल तथा ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) अथवा समकक्ष पद पर व्यतीत सेवा अवधि भी सम्मिलित की जाएगी।
हालाँकि, अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नति स्वतः प्रदत्त नहीं होगी, बल्कि यह राज्य सरकार की प्रशासनिक आवश्यकता तथा उपलब्ध रिक्तियों पर निर्भर करेगी। प्रशासनिक हलकों में इसे युवा अधिकारियों को उच्च दायित्व सौंपने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, कुछ अधिकारियों का मत है कि उनकी दीर्घकालिक लंबित मांग को चुनाव पूर्व स्वीकार किया गया है।










