नई दिल्ली: कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और सभी २९४ सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। यह निर्णय कांग्रेस नेतृत्व और पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई बैठक में लिया गया।
बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास ‘१० राजाजी मार्ग’ पर हुई, जिसमें पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शुभांकर सरकार, वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी और अन्य कई नेता उपस्थित थे। कुछ नेता बैठक में डिजिटल माध्यम से जुड़े।
बैठक के बाद गुलाम अहमद मीर ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘इस बैठक में पश्चिम बंगाल चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी नेताओं ने अपने सुझाव दिए और पार्टी नेतृत्व ने सबकी बात सुनकर सामूहिक निर्णय लिया कि हम इस बार अकेले चुनाव लड़ेंगे।’’
मीर ने कहा कि अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन करने से जमीनी स्तर पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का उत्साह प्रभावित हुआ है। अब कांग्रेस के पदाधिकारी इसी निर्णय के अनुसार प्रदेश में चुनावी तैयारियों में जुटेंगे।
स्मरण रहे कि कांग्रेस ने वर्ष २०२१ के विधानसभा चुनाव वाम दलों के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन उसे एक भी सीट नहीं मिली थी। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव संभावित रूप से अप्रैल-मई २०२६ में होने की उम्मीद है।









