कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद अब चुनावी बिसात बिछ चुकी है। राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, ९४ उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद अब १५२ विधानसभा सीटों पर कुल १,४७८ प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
कहां है सबसे कड़ा मुकाबला?
नामांकन वापसी के बाद कई सीटों पर मुकाबला अब सीधा नज़र आ रहा है, तो कहीं त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। काेचबिहार साउथ और इटाहार ऐसी सीटें हैं जहाँ सबसे अधिक १५-१५ उम्मीदवार मैदान में डटे हैं। इससे इन क्षेत्रों में चुनावी समीकरण काफी पेचीदा और दिलचस्प हो गए हैं।
उत्तर बंगाल और जंगलमहल पर नज़र
२३ अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, काेचबिहार से लेकर मालदा और जंगलमहल के झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है।
जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आ रही है, राजनीतिक दलों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अब सभी की निगाहें मतदाताओं के उस फैसले पर टिकी हैं, जो इस महीने की २३ तारीख को मतपेटियों (ईवीएम) में कैद होगा।








