नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने स्पष्ट किया कि उनके देश के खिलाफ चल रहा युद्ध अवैध है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरुत्व से सुरक्षित मार्ग मिलेगा।
ईरननी राजदूत के अनुसार केवल उन देशों के जहाजों के लिए मार्ग बंद है जो ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मित्र देशों के जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है, जो वास्तविक समय की परिस्थितियों के आधार पर संचालित होगी।
फतहाली ने यह भी कहा कि ईरान समुद्र सुरक्षा और नौकायन की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन नौकायन की स्वतंत्रता तभी संभव है जब तटीय देश के अधिकारों का सम्मान किया जाए।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि हाल ही में आई खबरें कि ईरान से भारत को तेल की सप्लाई में बाधा आई, तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं। भारत ४० से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है और तेल कंपनियों को अपने व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार सप्लायर चुनने की पूरी स्वतंत्रता है।
इस आश्वासन से भारत-ईरान संबंधों में मित्रता और सहयोग की पुष्टि होती है, और समुद्री व्यापार एवं तेल आपूर्ति के लिए स्थिरता का संकेत मिलता है।









