उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे ने स्थापित किया नया मानदंड
मालिगांव: उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे ने दिसंबर २०२५ में न्यू बोंगाईगाँव वर्कशॉप में बुनियादी ढाँचे और परिचालन क्षेत्र में उल्लेखनीय मील के पत्थर हासिल किए हैं। भारतीय रेल के व्यापक सुधार एवं आधुनिकीकरण अभियान के अनुरूप, यह उपलब्धि आधुनिकीकरण, परिचालन दक्षता तथा रोलिंग स्टॉक के रख-रखाव में उत्कृष्टता के प्रति इसकी निरंतर प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करती है।
इस उपलब्धि को और भी समृद्ध করেছে यह तथ्य कि न्यू बोंगाईगाँव स्थित सी एंड डब्ल्यू वर्कशॉप को वर्ष २०२४ में राजभाषा के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा रेल मंत्रालय राजभाषा शील्ड और १४,००० रुपये नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिससे उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे गौरवान्वित हुआ। उसी माह, न्यू बोंगाईगाँव वर्कशॉप ने असेंबल्ड डेमू डीपीसी कोचों के लिए एक स्वदेशी टेस्ट बेंच भी विकसित किया, जिसके माध्यम से ट्रैक्शन मोटर की प्री-इंस्टॉलेशन टेस्टिंग तथा खराबी का त्वरित पता लगाना संभव हुआ।
इस प्रणाली में एक घंटे का अनिवार्य रन-टेस्ट, वाइब्रेशन और बियरिंग के तापमान की रियल-टाइम निगरानी, तथा हाई-एक्युरेसी डायल गेज द्वारा सटीक बैकलैश माप जैसी सुविधाएँ शामिल हैं, जिससे समय और जनशक्ति, दोनों की उल्लेखनीय बचत होती है।
२५ कोचों के लिए रोलिंग-स्टॉक कार्यक्रम आवंटित होने के बाद, न्यू बोंगाईगाँव वर्कशॉप में एलएचबी कोचों का मिड-लाइफ रिहैबिलिटेशन (एमएलआर) सफलतापूर्वक आरंभ किया गया। प्रभावी योजना-प्रक्रिया और उपलब्ध संसाधनों के उपयुक्त उपयोग के तहत, आईसीएफ का पिरियॉडिक ओवरहॉल (पीओएच) कार्य नए लाइट कोच रिपेयर शॉप (एलसीआरएस) में स्थानांतरित करने के पश्चात, पुराने कोच लिफ्टिंग शॉप (सीएलएस) का अंतरिम प्रबंध के रूप में उपयोग किया गया।
इन सक्रिय कदमों के परिणामस्वरूप एमएलआर गतिविधियाँ सुचारु रूप से आरंभ हो सकीं, और दीर्घकालिक रख-रखाव अवसंरचना को मजबूत करने के लिए एक समर्पित एमएलआर शेड के निर्माण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा रहा है।
उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे ने पुराने वैगन पेंट-शॉप से डेमू रैक के सभी पीओएच (पिरियॉडिक ओवरहॉलिंग) कार्य सफलतापूर्वक न्यू बोंगाईगाँव वर्कशॉप में हाल ही में शुरू किए गए नए डेमू शेड में स्थानांतरित कर दिए हैं। २०२१–२२ की अवसंरचना विकास योजना के तहत तैयार यह आधुनिक, ढँका हुआ परिसर परिचालन दक्षता बढ़ाने, कार्य-प्रवाह को सुव्यवस्थित करने और सुरक्षा तथा उत्पादकता में सुधार लाने में सहायक सिद्ध हुआ है, जिससे रोलिंग-स्टॉक रख-रखाव क्षमता सुदृढ़ हुई है।
कुल मिलाकर, ये उपलब्धियाँ दर्शाती हैं कि उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे अवसंरचना, नवाचार और परिचालन दक्षता पर निरंतर विशेष ध्यान दे रहा है, जिससे सुरक्षित और विश्वसनीय रेल संचालन और अधिक मजबूत हुआ है।







