काठमांडू: एक स्टडी से पता चला है कि नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर में अब तक 1.3 ट्रिलियन 10 बिलियन रुपये से ज़्यादा का इन्वेस्टमेंट किया जा चुका है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ़ नेपाल (IPPAN) और BFIS प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मिलकर तैयार की गई ‘नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर में इन्वेस्टमेंट’ नाम की एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, यह इन्वेस्टमेंट देश भर में चल रहे, बन रहे और डेवलपमेंट के अलग-अलग स्टेज में चल रहे 923 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में किया गया है।
स्टडी के मुताबिक, अभी चल रहे और बन रहे 347 प्रोजेक्ट्स से 7,251 MW बिजली बनाने की कैपेसिटी जोड़ी गई है, जिसमें 1.2 ट्रिलियन 43 बिलियन रुपये से ज़्यादा का इन्वेस्टमेंट किया गया है।
इन प्रोजेक्ट्स में से, चल रहे 204 प्रोजेक्ट्स की कैपेसिटी 2,948 MW है और बन रहे 143 प्रोजेक्ट्स की कैपेसिटी 4,303 MW है।
इसी तरह, सर्वे, स्टडी, डिज़ाइन और परमिट प्रोसेस में चल रहे 576 प्रोजेक्ट्स की कुल पोटेंशियल कैपेसिटी 27,535 MW है। स्टडी में कहा गया है कि इन प्रोजेक्ट्स में अब तक लगभग 66.62 बिलियन रुपये का इक्विटी इन्वेस्टमेंट किया जा चुका है।
स्टडी से पता चलता है कि नेपाल में हाइड्रोपावर डेवलपमेंट में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका अहम होती जा रही है। अभी, प्राइवेट सेक्टर कुल बिजली बनाने की कैपेसिटी में 80 परसेंट से ज़्यादा का योगदान देता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब बन रहे और डेवलपमेंट में चल रहे प्रोजेक्ट्स को शामिल किया जाएगा तो प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी लगभग 90 परसेंट तक पहुँच जाएगी।
फाइनेंशियल एक्सेस के मामले में भी हाइड्रोपावर सेक्टर मज़बूत होता दिख रहा है। नेपाल राष्ट्र बैंक के मुताबिक, फरवरी 2025 तक पावर सेक्टर को बैंक लोन 402 बिलियन रुपये से ज़्यादा हो गया है, जो कुल बैंक लोन का 7.4 परसेंट है। 2009 में यह रेश्यो सिर्फ़ 0.69 परसेंट था।
कैपिटल मार्केट के ज़रिए भी बड़ी मात्रा में इन्वेस्टमेंट जुटाया गया है। अब तक 91 हाइड्रोपावर कंपनियों ने आम जनता के लिए IPO के ज़रिए करीब 41.82 अरब रुपये जुटाए हैं। इसी तरह, राइट्स शेयर के ज़रिए 45 अरब रुपये से ज़्यादा जुटाए गए हैं।
सरकार की तरफ़ से, नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के 15 प्रोजेक्ट्स से 565 मेगावाट बिजली बन रही है। इन प्रोजेक्ट्स में 101 अरब रुपये से ज़्यादा का इन्वेस्टमेंट किया गया है।
रिपोर्ट का नतीजा यह है कि आने वाले सालों में हाइड्रोपावर सेक्टर नेपाल के आर्थिक बदलाव का एक अहम पिलर बन सकता है। स्टडी बताती है कि 2035 तक 28,500 मेगावाट बिजली बनाने के सरकार के लक्ष्य को देखते हुए, घरेलू और विदेशी इन्वेस्टमेंट को अट्रैक्ट करने के लिए पॉलिसी स्टेबिलिटी, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और फाइनेंशियल सुविधा ज़रूरी हैं।










