नासा ने आखिर क्यों चार अंतरिक्ष यात्रियों को वापस पृथ्वी पर बुलाया?

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नई दिल्ली: अंतरिक्ष में एक यात्री को चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता पड़ने पर उसे तीन अन्य साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ बुधवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना किया गया। यह चिकित्सकीय आवश्यकता पड़ने पर किसी अंतरिक्ष यात्री को ‘नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (नासा) द्वारा पृथ्वी पर भेजे जाने का पहला मामला है।
ये अंतरिक्ष यात्री अमेरिका, रूस और जापान के हैं। उनके बृहस्पतिवार को सैन डिएगो के निकट प्रशांत महासागर में उतरने का लक्ष्य है। इन यात्रियों को पृथ्वी पर भेजने के फैसले से उनका मिशन एक महीने से भी अधिक समय पहले खत्म हो जाएगा। नासा की अंतरिक्ष यात्री जेना कार्डमैन ने पृथ्वी पर वापसी की यात्रा से पहले कहा, ‘‘हमारे प्रस्थान का समय अप्रत्याशित है लेकिन मेरे लिए जो बात आश्चर्यजनक नहीं थी, वह यह थी कि इस दल ने एक परिवार की तरह एक-दूसरे की मदद की और एक-दूसरे का ख्याल रखा।
अधिकारियों ने उस अंतरिक्ष यात्री की पहचान बताने से इनकार कर दिया जिसे चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत है और ना ही यह बताया गया कि उसे क्या दिक्कत हुई है। अंतरिक्ष स्टेशन के निवर्तमान कमांडर माइक फिंके ने इस सप्ताह की शुरुआत में सोशल मीडिया पर कहा था कि बीमार अंतरिक्ष यात्री की हालत ‘‘स्थिर’’ है और उसकी देखभाल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने का फैसला सोच-समझकर लिया गया ताकि पृथ्वी पर सही चिकित्सकीय आकलन हो सके। अगस्त में अंतरिक्ष में गए कार्डमैन, फिंके, जापान के किमिया यूई और रूस के ओलेग प्लातोनोव को फरवरी के अंत तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहना था लेकिन सात जनवरी को नासा ने कार्डमैन और फिंके की अगले दिन होने वाली ‘स्पेसवॉक’ (अंतरिक्ष यात्री का स्पेस स्टेशन से बाहर निकलना) अचानक रद्द कर दी और बाद में दल की शीघ्र वापसी की घोषणा की।

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