धार्मिक ध्रुवीकरण को लेकर ए आर रहमान की सफ़ाई6

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मुंबई: धार्मिक ध्रुवीकरण को लेकर विवाद ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान का पीछा नहीं छोड़ रहा है। इस मुद्दे पर एक बार फिर उन्होंने सफ़ाई दी है। इस बार उनकी आवाज़ में कुछ अफ़सोस भी झलकता नज़र आया।
कुछ दिन पहले ‘कपिल शर्मा शो’ में रहमान को देखा गया। वहां उन्होंने कहा, “मैंने यह समझना सीखा कि जानकारी को लोग किस तरह ग़लत समझ लेते हैं। अलग-अलग राज्य, अलग-अलग संस्कृतियां हैं। यहां जानकारी लोगों तक पहुंचने से पहले ही विकृत हो जाती है, यही इस दुनिया की समस्या है।”
इस विवाद की शुरुआत पिछले जनवरी में हुई थी। एक इंटरव्यू में ए आर रहमान ने दावा किया था कि पिछले आठ वर्षों में सत्ता परिवर्तन के चलते बॉलीवुड में उनके कई काम हाथ से निकल गए। उन्होंने यह भी कहा था कि इसके पीछे सांप्रदायिक विभाजन की नीति भी एक कारण हो सकती है। रहमान ने कहा था, “हालांकि किसी ने यह बात मेरे सामने सीधे तौर पर नहीं कही, लेकिन कानाफूसी के ज़रिए ऐसी बातें मेरे पास पहुंची हैं।” ऑस्कर विजेता संगीतकार और गायक ने यह भी कहा, “अगर ईमानदारी के बावजूद काम न मिले, तो मैं किसी के पास जाकर सिफ़ारिश नहीं कर सकता। मैं किसी के दफ़्तर में जाकर बैठ भी नहीं सकता।” इसके बाद ही यह विवाद और तेज़ हो गया।
इस खींचतान के बीच १८ जनवरी को उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर अपनी स्थिति साफ़ की। उस वीडियो में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त इस संगीतकार ने कहा, “दोस्तों, संगीत हमेशा से मेरे लिए जुड़ाव, उत्सव और सम्मान का माध्यम रहा है। भारत मेरी प्रेरणा है, मेरे शिक्षक हैं और मेरा घर है। कभी-कभी मंशा को लेकर ग़लतफ़हमियां हो सकती हैं, लेकिन संगीत के ज़रिए प्रगति और सम्मान ही मेरा लक्ष्य है। मैं कभी किसी को आहत नहीं करना चाहता।”
उसी वीडियो संदेश में उन्होंने आगे कहा, “मुझे भारतीय होने पर गर्व है। देश ने मेरी रचनात्मक स्वतंत्रता को महत्व दिया है।” उस वीडियो में उन्होंने अपने करियर के कुछ महत्वपूर्ण कार्यों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, “मैंने जाला प्रोजेक्ट पर काम किया, जिसे वेव्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुत किया गया था। मैंने नागा संगीतकारों के साथ एक स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा तैयार किया, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को परामर्श दिया। भारत का पहला बहुसांस्कृतिक वर्चुअल बैंड ‘सीक्रेट माउंटेन’ स्थापित किया। मैंने रामायण के संगीत में हांस ज़िमर के साथ भी सहयोग किया। इन सभी अनुभवों ने मेरे संगीत के उद्देश्य को और मज़बूत किया है।” इस मुद्दे पर एक बार फिर ए आर रहमान ने ज़ोर देकर अपनी बात रखी है।

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