कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी २’ के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका पर इसके निर्माताओं, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड तथा केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
कन्नूर जिले के कन्नवम निवासी श्रीदेव नंबूदरी द्वारा १८ फरवरी को दायर याचिका में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को प्रतिवादी बनाया गया है।
न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस की पीठ ने बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए सभी पक्षों से जवाब मांगा और अगली सुनवाई २४ फरवरी को निर्धारित की। फिल्म २७ फरवरी को प्रदर्शित होने वाली है।
याचिका में कहा गया है कि फिल्म की झलक और पूर्व प्रदर्शन दृश्य सामने आने के बाद आपत्ति दर्ज कराई गई। इसमें विभिन्न राज्यों की महिलाओं से जुड़ी कथाओं को ‘द केरल स्टोरी’ शीर्षक से प्रस्तुत किया गया है तथा आतंकवाद, जबरन धर्मांतरण और जनसंख्या षड्यंत्र जैसे आरोपों को विशेष रूप से केरल राज्य से जोड़ा गया है। इससे सार्वजनिक व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका व्यक्त की गई है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, १९५२ की धारा ५(बी) के अंतर्गत सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता और नैतिकता पर प्रभाव का समुचित परीक्षण अनिवार्य है, किंतु बिना पर्याप्त परीक्षण के प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया गया।









