काठमांडू। नेपाली कांग्रेस की पहचान खो चुका शेर बहादुर देउबा ग्रुप 21 फरवरी को तय चुनाव शेड्यूल को टालने की मांग को लेकर इलेक्शन कमीशन में पिटीशन फाइल कर रहा है।
देउबा ग्रुप, जो पहले ही इलेक्शन कमीशन और वैध प्रेसिडेंट गगन थापा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटीशन फाइल कर चुका है, अब फिर से इलेक्शन कमीशन में अपील करने जा रहा है।
पार्टी के चीफ सेक्रेटरी कृष्ण प्रसाद पौडेल और वकील और पूर्व अटॉर्नी जनरल खम्मा बहादुर खाती अब लेटर लेकर इलेक्शन कमीशन पहुंच रहे हैं।
देउबा ग्रुप रिक्वेस्ट करने जा रहा है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में फाइल की गई रिट पिटीशन रजिस्टर नहीं हो जाती और मंगलवार को उस पर सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक चुनाव से जुड़ा प्रोसेस आगे न बढ़ाया जाए।
देउबा ग्रुप के पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के चीफ मिन बिश्वकर्मा ने कहा कि कमीशन के फैसले ने नेपाली कांग्रेस के कॉन्स्टिट्यूशनल और लीगल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि इलेक्शन कमीशन ने गलत इरादे और साज़िश के साथ यह फ़ैसला लिया है, जिससे नेपाली कांग्रेस को इलेक्शन प्रोसेस से बाहर रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कमीशन के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपने कानूनी अधिकारों का दावा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट पिटीशन फ़ाइल की है। उन्होंने कहा कि जब तक रिट पिटीशन देश की मुख्य अदालत में पेंडिंग है, तब तक चुनाव से जुड़ा शेड्यूल टाल दिया जाना चाहिए।









