दार्जिलिंग: आज दार्जिलिंग लोकसभा सांसद राजू बिष्ट ने अलीपुरद्वार जिले के जयगांव–कालचीनी ब्लॉक स्थित खस जनजाति संघ जिला समिति द्वारा आयोजित उधौली पूजा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि २५ जनवरी २०२६ से हिमाली टोल, हेलिपैड ग्राउंड, जयगांव में आरंभ हुआ यह कार्यक्रम डुआर्स, तराई और पहाड़ क्षेत्रों में फैले हमारे खस–गोरखा समुदाय की साझा पहचान और सांस्कृतिक एकता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।
सामाजिक माध्यमों के जरिए अपने संदेश में सांसद ने कहा कि उधौली पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमारे इतिहास, जीवनशैली, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक चेतना से गहराई से जुड़ी परंपरा है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कार्यक्रम गोरखा समुदाय की जड़ों को मजबूत करते हैं। आज की पीढ़ी को अपने पूर्वजों के योगदान, संस्कार और मूल्यों से परिचित कराने तथा उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में इन सांस्कृतिक उत्सवों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि अपने इतिहास, भाषा, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण ही अस्तित्व की रक्षा की कुंजी है। उन्होंने कहा कि गोरखा समुदाय की पहचान किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पहाड़, तराई और डुआर्स के हर कोने में जीवंत है। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
आज के कार्यक्रम में देखी गई व्यापक जनभागीदारी और उत्साह से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि हमारी मौलिक पहचान के प्रति चेतना और अधिक सशक्त हो रही है, ऐसा सांसद ने कहा।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के कप्तान भरत छेत्री तथा कालचीनी के विधायक विशाल लामा भी उपस्थित थे।

अंत में सांसद ने अध्यक्ष शुभाष छेत्री सहित खस जनजाति संघ, दलसिंग पाड़ा, जयगांव की समस्त आयोजन समिति को हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया और सांस्कृतिक गौरव को जीवंत बनाए रखने के उनके निरंतर प्रयासों की सराहना की।










