दुबई: डोनाल्ड ट्रंप के हालिया दावों और ईरान के इनकार के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा बढ़ा दी गई है और अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर संभावित हमलों को कुछ समय के लिए टाल दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी प्रतिनिधि एक “सम्मानित” ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं और ईरान समझौता चाहता है।
हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि ऐसा कोई समझौता या बातचीत नहीं हो रही है। ईरान का कहना है कि वह अपने रुख पर कायम है और किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।
इस बीच क्षेत्रीय स्थिति पहले से ही संवेदनशील बनी हुई है। ईरान में संघर्ष के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर १५०० से अधिक बताई जा रही है, जबकि इज़राइल और लेबनान में भी भारी नुकसान की रिपोर्ट है।
हाल ही में ईरान में दो ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हवाई हमलों के दावे भी सामने आए थे, हालांकि उनकी आधिकारिक जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऊर्जा ढांचे को लक्षित किया गया तो इसका प्रभाव न केवल ईरान की अर्थव्यवस्था बल्कि पूरे क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
इसी बीच संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन ने रूस और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को लेकर चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।









