न्यूयॉर्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब ईरान से कच्चा तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल आयात करेगा। ट्रंप ने यह टिप्पणी शनिवार को फ्लोरिडा के पाम बीच जाते समय ‘एयर फोर्स वन’ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की।
यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में आई जिसमें चीन द्वारा वेनेजुएला को दिए गए कर्ज की भरपाई तेल आपूर्ति के माध्यम से किए जाने की संभावना पर पूछा गया था। ट्रंप ने कहा, “चीन का स्वागत है और वह तेल के क्षेत्र में बड़ा सौदा कर सकता है। भारत आ रहा है और वह ईरान से तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला का तेल खरीदेगा। हमने पहले ही यह सौदा कर लिया है, कम से कम इसकी अवधारणा तो तय हो चुकी है।”
हालांकि, ट्रंप के इस दावे पर नई दिल्ली की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
भारत वर्ष २०१९ तक ईरान से तेल का एक प्रमुख खरीदार रहा है, लेकिन तेहरान पर अमेरिकी प्रतिबंध दोबारा लागू होने के बाद भारत ने ईरानी तेल के आयात में भारी कटौती की थी। ट्रंप के ये बयान ऐसे समय पर आए हैं, जब अमेरिका ईरान और वेनेजुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों के तहत प्रमुख ऊर्जा आयातक देशों पर इन देशों से तेल न खरीदने का दबाव बना रहा है।
हाल के वर्षों में भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे रूस भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है। अमेरिका ने भारत पर कुल ५० प्रतिशत तक शुल्क लगाया है, जिसमें रूसी तेल की खरीद से जुड़ा २५ प्रतिशत शुल्क भी शामिल है।
मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से की बातचीत:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा एवं विस्तृत करने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में व्यापार और निवेश, ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, कृषि तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में भारत–वेनेजुएला साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए आपसी सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।










