कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बावजूद राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की लगभग ५०० कंपनियां चार मई से अगले आदेश तक तैनात रहेंगी। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि मतगणना केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और ‘स्ट्रॉंग रूम’ की सुरक्षा के लिए राज्य में अतिरिक्त २०० कंपनियां भी तैनात की जाएंगी।
प्रत्येक कंपनी में कम से कम ७२ कर्मी होंगे। अधिकारी ने बताया, “सीएपीएफ की लगभग ५०० कंपनियां मतगणना पूरी होने के बाद भी राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगी। २०० अन्य कंपनियां ईवीएम, स्ट्रॉंग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी और मतगणना खत्म होने तक तैनात रहेंगी।”
निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा चुनाव के हर चरण में २,०००–२,५०० कंपनियां तैनात की जा सकती हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा, “हमारा मुख्य लक्ष्य निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करना है। प्रत्येक चरण में लगभग २०००–२५०० कंपनियों की आवश्यकता हो सकती है।”
यह सुरक्षा प्रबंध राज्य में चुनाव उपरांत किसी भी अनियमित घटना या हिंसक गतिविधियों को रोकने और मतगणना के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया गया है।










