नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी तनाव के बीच, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तीन बंदरगाहों को खाली करने का आग्रह किया है। यह पहली बार है जब ईरान ने किसी पड़ोसी देश की गैर-अमेरिकी परिसंपत्तियों पर खुले तौर पर हमला करने की धमकी दी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रभावित देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने के लिए जहाज भेजने का आग्रह किया। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर हमला करने के लिए यूएई में “बंदरगाहों, गोदियों और ठिकानों” का इस्तेमाल किया। ईरान ने जनता से इन क्षेत्रों को छोड़ने की अपील की।
इधर, लेबनान में मानवीय संकट गहरा गया है। इज़राइल ने ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह चरमपंथियों के खिलाफ कई हमले किए, जिनमें ८०० से अधिक लोग मारे गए और ८,५०००० लोग विस्थापित हुए।
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अमेरिका तटरेखा पर बमबारी जारी रखेगा और ईरानी पोतों एवं नौकाओं को निशाना बनाएगा। उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भेजने का आग्रह किया।
अमेरिका और इज़राइल ने २८ फरवरी को ईरान पर एक बड़ा संयुक्त हमला शुरू किया था। इसके जवाब में ईरान ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में हमले तेज कर दिए, जिससे समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है।
शनिवार को इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास परिसर के हेलीपैड पर मिसाइल हमला हुआ। यूएई में फुजैरा बंदरगाह पर ड्रोन गिरने से आग लगी।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने खार्ग और अबू मूसा द्वीप के नजदीकी स्थानों से हमला किया। उन्होंने इसे खतरनाक बताया, लेकिन कहा कि ईरान आबादी वाले क्षेत्रों पर हमला नहीं करेगा।









