नई दिल्ली: ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र के देशों पर हमलों में बढ़ोतरी के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। कुवैत के एक हवाई अड्डे पर ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया है, जबकि सऊदी अरब ने १५ ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
ये घटनाएँ उस बयान के एक दिन बाद सामने आई हैं जिसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा था कि तेहरान अपने पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा।
कतार के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एक दिन पहले ईरान ने १० बैलिस्टिक मिसाइल और दो क्रूज़ मिसाइल दागी थीं। इनमें से अधिकतर को हवा में ही रोक दिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस बीच कुवैत की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने सुरक्षा कारणों से कच्चे तेल के उत्पादन में “एहतियाती” कटौती करने की घोषणा की है। कंपनी ने इसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर सीधा हमला बताया है। सेना के अनुसार देश के हवाई क्षेत्र में घुसे कई दुश्मन ड्रोन को रोका गया। ड्रोन को रोकने के दौरान गिरे मलबे से कुछ नागरिक ढांचों को नुकसान पहुँचा है।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के कूटनीतिक इलाके को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई। वहीं क़तर में भी नए हमलों की खबरें सामने आई हैं।
इसी बीच दुबई में रोके गए एक ड्रोन का मलबा कार पर गिरने से एक पाकिस्तानी चालक की मौत होने की सूचना है।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश इस समय “युद्ध के दौर” से गुजर रहा है और इससे और मजबूत होकर उभरेगा।
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार २८ फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद अब तक २२१ बैलिस्टिक मिसाइल और १,३०० से अधिक ड्रोन का पता लगाया गया है। दुबई और अबू धाबी हवाई अड्डे, पाम जुमेराह, बुर्ज अल अरब और दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई है।









