कौन हैं भारतीय मूल की नीला राजेंद्र जिन्हें ट्रंप के आदेश के बाद निकाल दिया गया नासा से?

photocollage_2025415153622943

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों का असर भारतीय मूल की एक अधिकारी पर पड़ा है। नासा में उच्च पद पर कार्यरत नीला राजेंद्र को उनकी नौकरी से हटा दिया गया है। यह कदम ट्रंप द्वारा डाइवर्सिटी प्रोग्राम को खत्म करने के आदेश के बाद उठाया गया है। नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (जेपीएल) ने एक ईमेल के माध्यम से अपने सभी कर्मचारियों को नीला की बर्खास्तगी की सूचना दी है।
नीला को नौकरी से निकालने की वजह:
असल में, डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद उन्होंने अमेरिका में सभी डाइवर्सिटी प्रोग्राम को बंद करने का आदेश दिया था। इस फैसले के तहत इन प्रोग्राम्स के तहत की गई सभी नियुक्तियों को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया। हालांकि, जब व्हाइट हाउस से नोटिस मिला तो नासा ने नीला राजेंद्र की नौकरी बचाने की कोशिश की और उनका पद बदल दिया गया।
नीला, जो भारतीय मूल की हैं, नासा की शीर्ष अधिकारियों में गिनी जाती थीं और डाइवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूजन (डीइआइ) विभाग की प्रमुख थीं। ट्रंप के आदेश के बाद नासा ने डीइआइ विभाग को बंद कर दिया और नीला को ‘ऑफिस ऑफ टीम एक्सीलेंस एंड इंप्लॉई सक्सेस’ का प्रमुख बना दिया गया। हालांकि, यह बदलाव सिर्फ औपचारिक था—वास्तव में नीला उसी तरह डीइआइ प्रमुख की भूमिका निभा रही थीं। अब नासा को मजबूरी में उन्हें संस्था से बाहर करना पड़ा है।
नासा ने पहले ट्रंप के आदेश से बचने के लिए नीला राजेंद्र का पद बदल दिया था, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप अब भी डाइवर्सिटी प्रोग्राम्स को लेकर काफी सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी वजह से नासा को अंततः नीला को नौकरी से हटाना पड़ा। नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (जेपीएल) की निदेशक लॉरी लेशिन ने एक ईमेल के ज़रिए सभी कर्मचारियों को सूचित किया कि “नीला अब जेपीएल का हिस्सा नहीं हैं। उनके योगदान के लिए हम सदैव आभारी रहेंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”
डाइवर्सिटी प्रोग्राम पर ट्रंप की राय:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि डाइवर्सिटी प्रोग्राम्स के कारण अमेरिका में नस्ल, रंग और लिंग के आधार पर विभाजन बढ़ा है। उनके मुताबिक, ऐसे प्रोग्राम्स सिर्फ संसाधनों की बर्बादी हैं और समाज में भेदभाव को और बढ़ावा देते हैं। इसी सोच के चलते ट्रंप ने देशभर में सभी डाइवर्सिटी प्रोग्राम्स को बंद करने का निर्देश दिया है।

About Author

Advertisement