कानपुर: कानपुर जिले में साइबर अपराध शाखा और विशेष कार्य दल (एसओजी) ने बुधवार सुबह एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए रेवना क्षेत्र के एक गांव से १९ लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि सूचना के आधार पर साइबर अपराध शाखा और एसओजी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने गांव में प्रवेश और निकास के सभी रास्तों को सील कर सघन तलाशी अभियान चलाया और आरोपियों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया।
उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह नकली दस्तावेजों और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर अनजान लोगों से धन ऐंठता था। तलाशी के दौरान पुलिस को कई मोबाइल फोन, जाली दस्तावेज, सरकारी योजनाओं से जुड़े कागजात और अवैध लेनदेन में प्रयुक्त बैंक खातों के प्रमाण मिले हैं।
पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि इस गिरोह का नेटवर्क अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है और बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपर पुलिस उपायुक्त सुमित सुधाकर रामटेके के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से आरोपियों को आत्मसमर्पण करने या सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी १९ आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है।











