दोहा: गुरुवार सुबह वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उस समय हड़कंप मच गया जब कतर की प्रमुख ऊर्जा कंपनी कतरएनर्जी ने पुष्टि की कि रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमला हुआ है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) केंद्रों में से एक माना जाता है।
हमले में एलएनजी सुविधाओं और पर्ल जीटीएल प्लांट को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। क्षेत्र में बड़े स्तर पर आग लग गई, हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गई हैं।
हमले की वजह क्या बताई जा रही है?
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने यह हमला इज़राइल के हालिया हवाई हमले के जवाब में किया है। इज़राइल ने ईरान के दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र को निशाना बनाया था, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत होने की भी खबर है।
दक्षिण पार्स दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है, जो कतर के नॉर्थ फील्ड से जुड़ा हुआ है, इसलिए यह हमला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
वैश्विक असर:
रास लफ्फान को दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी निर्यात केंद्रों में गिना जाता है। इस पर हुए हमले से वैश्विक गैस आपूर्ति और कीमतों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कतर ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इज़राइल को आगे ऐसे हमलों से बचने की सलाह दी है। अमेरिका और कतर के रणनीतिक संबंधों के कारण यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।









