ओलंपिक पदक विजेता पहलवान अमन सहरावत एक साल के लिए निलंबित

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नई दिल्ली: पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान अमन सहरावत को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने एक वर्ष के लिए निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जब विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में अमन का वजन निर्धारित सीमा से १.७ किलोग्राम अधिक पाया गया था।
५७ किलोग्राम वर्ग के इस प्रमुख फ्रीस्टाइल पहलवान को नियमों के अनुसार प्रतियोगिता से अयोग्य (डिस्क्वालिफाई) घोषित कर दिया गया था।
डब्ल्यूएफआई द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि, “अमन सहरावत को कारण बताओ नोटिस की तारीख से एक वर्ष की अवधि तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती से जुड़ी सभी गतिविधियों से निलंबित किया जाता है।”
महासंघ ने २३ सितंबर को अमन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें उनसे इस गलती पर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
अमन ने २९ सितंबर को अपना पक्ष रखा, लेकिन अनुशासन समिति ने उनके जवाब को असंतोषजनक पाया।
महासंघ के अनुसार, समिति ने अमन के जवाब की विधिवत समीक्षा की और मुख्य प्रशिक्षक एवं सहायक कोचिंग स्टाफ से भी स्पष्टीकरण प्राप्त किया। विस्तृत जांच के बाद समिति ने पाया कि अमन की सफाई संतोषजनक नहीं है, और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
इस फैसले के बाद अमन अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तर पर डब्ल्यूएफआई द्वारा आयोजित या अनुमोदित किसी भी कुश्ती गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे।
महासंघ ने कहा कि यह मामला केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि अनुशासनहीनता और पेशेवर आचरण की कमी से जुड़ा है।
डब्ल्यूएफआई के अनुसार, “एक ओलंपिक पदक विजेता से खेल भावना और अनुशासन के उच्च मानकों का पालन अपेक्षित होता है, और यह चूक भारत की छवि के विपरीत है।”
इस निलंबन के चलते अमन सहरावत अब २०२६ तक किसी भी आधिकारिक प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
यह फैसला उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अमन को भारत के ५७ किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के शीर्ष पहलवानों में गिना जाता है।
डब्ल्यूएफआई के इस कदम से यह भी स्पष्ट हो गया है कि संगठन अब खिलाड़ियों के आचरण और फिटनेस मानकों पर सख्ती बरतने के मूड में है।

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