नई दिल्ली: प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान ने हाल में दिए गए एक साक्षात्कार के बाद हो रही आलोचनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि कभी-कभी इरादों को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन उनका उद्देश्य कभी भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं रहा।
‘रोजा’, ‘बॉम्बे’ और ‘दिल से’ जैसी चर्चित फिल्मों के संगीतकार रहमान ने कहा कि संगीत उनके लिए हमेशा भारत की संस्कृति से जुड़ने और उसका सम्मान करने का माध्यम रहा है। उन्होंने कहा, “भारत मेरी प्रेरणा, मेरा गुरु और मेरा घर है। मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए लोगों को जोड़ना, उनका सम्मान करना और समाज की सेवा करना रहा है।”
रहमान ने भारतीय होने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि भारत उन्हें ऐसा मंच देता है, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और बहुसांस्कृतिक आवाजों का सम्मान किया जाता है। उन्होंने अपनी संगीत यात्रा का जिक्र करते हुए वेव समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष ‘जला’ की प्रस्तुति, ‘रूह-ए-नूर’ परियोजना, नागालैंड के युवा संगीतकारों के साथ सहयोग और बहुसांस्कृतिक वर्चुअल बैंड ‘सीक्रेट माउंटेन’ के निर्माण का उल्लेख किया।
इसके साथ ही उन्होंने नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म ‘रामायण’ के लिए संगीत तैयार करने को अपने जीवन का गर्व और सम्मान बताया। रहमान ने कहा, “हर यात्रा ने मेरे उद्देश्य को और मजबूत किया है।”
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए गए एक साक्षात्कार में रहमान ने कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में हिंदी फिल्म उद्योग में सत्ता परिवर्तन के कारण उन्हें अपेक्षाकृत कम काम मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि निर्णय लेने वाले कुछ लोग रचनात्मक नहीं हैं और इसमें सांप्रदायिक सोच की भूमिका भी हो सकती है, हालांकि यह बात कभी सीधे तौर पर उनके सामने नहीं आई।










