नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में पेश किया जा रहा एसआईआर ज़मीनी स्तर पर सुनियोजित और रणनीतिक वोट चोरी में तब्दील हो चुका है।
राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में एसआईआर के तहत एक ही नाम और पहचान से हज़ारों आपत्तियाँ दर्ज की गईं, जो इस प्रक्रिया के निर्देशित होने की ओर इशारा करता है। उनके अनुसार, चुनिंदा सामाजिक वर्गों और कांग्रेस समर्थक इलाकों के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में भाजपा को चुनावी नुकसान की आशंका होती है, वहां मतदाताओं को सूची से बाहर करने का प्रयास किया जाता है। राहुल गांधी ने दावा किया कि यही पैटर्न पहले आलंद और राजुरा में अपनाया गया और अब इसे गुजरात, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में दोहराया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की ज़िम्मेदारी निभाने के बजाय आयोग या तो निष्क्रिय बना हुआ है या इस प्रक्रिया का हिस्सा दिख रहा है। उन्होंने एसआईआर में पारदर्शिता, प्रभावित मतदाताओं को पूरा अवसर देने और स्वतंत्र निगरानी की मांग की।
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची से छेड़छाड़ नहीं रुकी, तो इसका असर केवल राजनीतिक दलों पर नहीं, बल्कि पूरे भारतीय लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर पड़ेगा।









