नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की व्यक्तिगत पेशी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है। यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि एसआईआर से जुड़ा मामला राज्य की संस्थागत कार्यप्रणाली और निर्वाचन आयोग से संबंधित है, इसलिए मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में पेश होना चाहिए था। याचिका में ममता बनर्जी की व्यक्तिगत उपस्थिति को संवैधानिक रूप से अनुचित बताया गया है।
याचिका में कहा गया है कि किसी संवैधानिक पद पर आसीन मुख्यमंत्री को ऐसे मामलों में व्यक्तिगत रूप से तलब करना शासन व्यवस्था और संघीय ढांचे के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि वह इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि भविष्य में संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन न हो।
सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई के दौरान यह तय करेगा कि एसआईआर जैसे मामलों में राज्य के शीर्ष निर्वाचित प्रतिनिधि की व्यक्तिगत पेशी आवश्यक है या नहीं।











