सिलीगूढ़ी: बिहार के चम्पारण से पकड़े गए चार युवकों के एटीएम फ्रॉड मामले ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआत में यह मामला एक साधारण ठगी जैसा लग रहा था, लेकिन मोबाइल फोन की जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के व्हाट्सएप खातों में कई पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिनसे पैसों के लेनदेन के निर्देश दिए जा रहे थे।
गिरोह गरीब लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था। जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान से सीधे इन खातों में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे थे।
सिलगढ़ी के पुलिस आयुक्त सैयद वकार रजा ने बताया कि मोबाइल में पाकिस्तानी नंबरों की मौजूदगी किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करती है।
मंगलवार शाम को सिलगढ़ी थाना क्षेत्र के एक होटल से रिजवान आलम, आजाद आलम, मोहम्मद इमरान और शेर मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को एक स्थानीय व्यक्ति के खाते में पाकिस्तान से पैसे आने के प्रमाण भी मिले हैं।
फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क की गहराई और इसके असली मकसद का पता लगाने में जुटी हुई है।









