उत्तर २४ परगना: वासुदेव पाल ने दूध पर उकेरी स्वामी विवेकानंद की तस्वीर

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बारासात(पश्चिम बंगाल): अक्सर हम कलाकृतियों को कागज, कपड़े या लकड़ी पर बनते देखते हैं, लेकिन वासुदेव पाल ने दूध की सतह को कैनवास बनाकर एक अनोखी तस्वीर उकेरी है। उत्तर २४ परगना जिले के अशोकनगर निवासी ५० वर्षीय इस कलाकार ने हाल ही में दूध पर स्वामी विवेकानंद की बेहद सटीक और जीवंत छवि बनाई।
वासुदेव ने बताया कि दूध पर चित्र बनाना बहुत चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने दूध को हल्का गर्म करके उसकी सतह पर तनाव पैदा किया और फैब्रिक रंगों के माध्यम से सावधानीपूर्वक चित्र उकेरा। इस प्रक्रिया में उन्हें लगभग १२ घंटे लगे।
हालांकि यह कलाकृति अस्थायी है और कुछ घंटों बाद दूध के खराब होने या हिलने से नष्ट हो जाती है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी यह “मिल्क पेंटिंग” तेजी से वायरल हो गई है।
वासुदेव पाल पहले भी अनोखी कलाकृतियों के लिए जाने जाते हैं। वे चावल, दाल और फलों के बीज पर चित्र बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कर चुके हैं। अब उनकी महत्वाकांक्षा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराना है।
अपने संघर्षपूर्ण जीवन के बावजूद, वासुदेव पाल कला में निरंतर जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि सरकार को ऐसी विलुप्त होती कलाओं को संरक्षण देना चाहिए। फिलहाल, अशोकनगर उत्सव में उनकी यह अद्वितीय कलाकृति प्रदर्शित की जा रही है।

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