नई दिल्ली: ईरान ने शुक्रवार को अलग-अलग हमलों में अमेरिका के दो सैन्य विमानों को मार गिराने का दावा किया है। इस घटना में एक सैन्यकर्मी को बचा लिया गया, जबकि कम से कम एक अब भी लापता बताया जा रहा है।
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ पांच सप्ताह पहले शुरू किए गए संघर्ष के दौरान यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान भी हमले हुए। दो एचएच-६०डब्ल्यू जॉली ग्रीन II हेलीकॉप्टरों को मिशन के बीच निशाना बनाया गया, हालांकि उनके चालक दल के सदस्य किसी तरह सुरक्षित निकलने में सफल रहे।
इसके अलावा, दो A-10 वार्थोग विमानों पर भी हमला किया गया। इनमें से एक विमान का पायलट कूदकर बाहर निकल गया, जिसके बाद वह विमान खाड़ी में गिर गया। दूसरा विमान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के बावजूद एक इंजन के सहारे बेस तक लौटने में सफल रहा।
इससे दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका ने ईरान को काफी हद तक कमजोर कर दिया है और अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया गया, जिसमें एक क्रू सदस्य को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है। अमेरिकी सेना खोज और बचाव अभियान चला रही है।
हालांकि, ‘व्हाइट हाउस’ और ‘पेंटागन’ ने इस घटना पर कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। ट्रंप ने भी एक साक्षात्कार में कहा कि इस घटना का ईरान के साथ चल रही वार्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और इसे युद्ध की सामान्य स्थिति बताया।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी A-10 विमान ईरानी हमले के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विमान को मार गिराया गया या वह तकनीकी कारणों से दुर्घटनाग्रस्त हुआ।










