नई दिल्ली इस्लामाबाद में मस्जिद के बाहर आत्मघाती बम हमले में अब तक ६९ लोगों के मौत की खबर मिली है। घायल लोगों की संख्या कम से कम १६९ बताई जा रही है। इस घटना को लेकर पाकिस्तान ने इस बार भारत को निशाने पर लिया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ का दावा है कि इस हमले के पीछे भारत का हाथ है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि हमलावर अफगानिस्तान में भी यात्रा करता रहा। अपने एक ट्वीट में पाक रक्षा मंत्री ने लिखा, “वह आत्मघाती जिहादी कई बार पाकिस्तान से अफगानिस्तान गया। उसका तालिबान से सीधे संपर्क था। हमारे पास सबूत भी मौजूद हैं।” इसके बाद ख्वाजा ने भारत को निशाना बनाते हुए दावा किया कि इस हमले में भारत का भी हाथ है। भारत और अफगानिस्तान ने मिलकर यह साजिश रची। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पाकिस्तान के सामने हार गया है और लड़ने का साहस नहीं रखता। इसलिए ऐसे हमले पीछे से करवा रहा है।
नई दिल्ली ने पाक के इस दावे को खारिज कर दिया। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “इस्लामाबाद की मस्जिद में यह हमला निंदनीय है। कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके लिए हम संवेदना व्यक्त करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान, आतंकवाद समेत, अपनी समस्याओं पर ध्यान देने और उन्हें सुलझाने की बजाय दूसरों पर आरोप लगा रहा है। इस हमले में पाकिस्तान जो भारत पर आरोप लगा रहा है, उसे हम खारिज करते हैं। यह पूरी तरह गलत और बेसबूत है।”
ख्वाजा के दावे को अफगानिस्तान के तालिबान सरकार ने भी खारिज किया। पाकिस्तान के इस व्यवहार को उन्होंने “जिम्मेदारीहीन” कहा। तालिबान की ओर से बताया गया कि इस्लामाबाद बिना किसी प्रमाण और उचित जांच के देश के अंदर हुए विभिन्न हमलों के लिए अफगानिस्तान को दोषी ठहरा रहा है। यह सब तर्कहीन है। पाकिस्तान अपने देश की सुरक्षा संबंधी चूक से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहा है।
इस्लामाबाद के शहजाद इलाके में तरलाई इमामबर्गा मस्जिद के सामने अचानक विस्फोट हुआ। प्रारंभ में २४ लोगों की मौत की खबर मिली थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़ गई। इस घटना के बाद शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी गई। सुरक्षा बलों के अधिकारियों के हवाले से एक पाक मीडिया ने बताया कि घटना के समय मस्जिद में कई लोग जमा थे। उस समय हमलावर मस्जिद के अंदर प्रवेश करने ही वाला था, लेकिन सुरक्षा बलों ने उसे गेट पर रोक दिया। फिर भी हमले को पूरी तरह से रोका नहीं जा सका।
दूसरी ओर, पाक मंत्री के दावे को अफगानिस्तान ने भी खारिज किया। तालिबान सरकार ने इसे “जिम्मेदारीहीन” बताते हुए कहा कि पाकिस्तान बिना उचित जांच और समीक्षा किए, बिना आधार और तर्क के दूसरों पर आरोप लगा रहा है। तालिबान ने यह भी सवाल उठाया कि अगर हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार हमलावर की पहचान और गतिविधियों को जान गई थी, तो फिर हमला क्यों नहीं रोका गया।









