नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष २०२६–२७ के केंद्रीय बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाकर ४०,००० करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि यह कदम देश में घरेलू उत्पादन को सशक्त करने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में उठाया गया है।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने पूंजीगत वस्तुओं के विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए दो स्थानों पर उच्च प्रौद्योगिकी आधारित ‘टूल रूम’ स्थापित करने की घोषणा की। इसके साथ ही वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप परिवेश तैयार करने के उद्देश्य से कंटेनर विनिर्माण के लिए एक विशेष योजना लाने का भी प्रस्ताव किया गया।
सीतारमण ने बताया कि देश में रासायनिक उद्योग को मजबूती देने के लिए तीन समर्पित रासायनिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स और संबद्ध क्षेत्रों में आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करने में सहायक होगी।
मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में बीते एक दशक में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उत्पादन मूल्य वित्त वर्ष २०१४–१५ में १८,००० करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष २०२४–२५ में ५.४५ लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
भारत से आईफोन का निर्यात वर्ष २०२५ में २.०३ लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया, जो २०२४ में एप्पल द्वारा किए गए १.१ लाख करोड़ रुपये के निर्यात की तुलना में लगभग दोगुना है। चालू वित्त वर्ष २०२५–२६ के अंत तक देश में मोबाइल फोन उत्पादन ६.७६ लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है, जिसमें ३० अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक, यानी लगभग २.७ लाख करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है।
इसके अलावा, अगस्त २०२५ तक देश के छह राज्यों में कुल १.६ लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली १० सेमीकंडक्टर विनिर्माण और पैकेजिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।











