कोलकाता: स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी मेडट्रोनिक और इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेस कोलकाता (आई-एन-के) ने आज न्यूरोमॉड्यूलेशन के क्षेत्र में उन्नत कौशल विकास और नवीनतम तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी की घोषणा की। इस पहल के अंतर्गत पार्किन्सन रोग तथा अन्य गति संबंधी रोगों के उपचार विकल्पों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और जानकारी उपलब्ध कराना शामिल होगा, जिससे रोगियों को उचित उपचार मार्ग चुनने में सहायता मिल सके।
पूर्वी भारत, विशेषकर कोलकाता जैसे शहरों में पार्किन्सन रोग की व्यापकता प्रति एक लाख लोगों में लगभग ४५.८२ पाई गई है, और कई मामलों में यह रोग ५० वर्ष से पहले ही प्रारंभ हो जाता है। पार्किन्सन एक प्रगतिशील स्नायविक अवस्था है, जो चलने-फिरने, दैनिक कार्यों और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।
डीप ब्रेन स्टिमुलेशन सहित न्यूरोमॉड्यूलेशन उपचार उपयुक्त रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभरा है, जो मोटर लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायता करता है। नई प्रौद्योगिकियों के माध्यम से व्यक्तिगत उपचार को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
मेडट्रोनिक और आई-एन-के इस सहयोग के माध्यम से चिकित्सकों, रोगियों और देखभाल करने वालों को शिक्षा, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्नत उपचार पद्धतियों की जानकारी प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं।








