आलू की कीमत नियंत्रण को नवान्न की तैयारी तेज

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कोलकाता: राज्य में खेतों से आलू की खुदाई शुरू होते ही कालाबाजारी रोकने के लिए नवान्न ने तैयारी तेज कर दी है। सरकार की कोशिश है कि अगले वर्ष आम लोगों को आलू उचित दाम पर मिले और किसानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
सूत्रों के मुताबिक, इसी उद्देश्य से कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी राज्य के कोल्ड स्टोरेज में छोटे और सीमांत किसान अपनी उपज का ३० प्रतिशत तक भंडारण कर सकेंगे। बीते साल १४६ लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद कीमतों में असामान्य वृद्धि देखी गई थी।
इस बार सरकार शुरुआत से ही सख्त निगरानी रखकर कृत्रिम संकट की आशंका खत्म करना चाहती है। शुक्रवार को इस मुद्दे पर नवान्न में उच्चस्तरीय बैठक भी हुई। इस वर्ष भी अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई गई है।
बिचौलियों से किसानों को बचाने के लिए उन्हें सीधे कोल्ड स्टोरेज में भंडारण की सुविधा दी जाएगी। एक किसान अधिकतम ३५ क्विंटल या ७० बोरी आलू जमा कर सकेगा।
जिलाधिकारियों को पूरे प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और कृषि विपणन विभाग जल्द अधिसूचना जारी करेगा। प्रशासन का मानना है कि अधिक उत्पादन के समय बिचौलिए कम दाम पर खरीदकर बाद में कृत्रिम कमी पैदा कर ऊंचे दाम वसूलते हैं। नई व्यवस्था से इस प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
हालांकि, अन्य राज्यों में आलू निर्यात पर प्रतिबंध लगाने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

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