आईएफएफ के पूर्व महासचिव कुशल दास का निधन

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नई दिल्ली: ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (आईएफएफ) ने अपने पूर्व महासचिव कुशल दास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दास ने २०१० से २०२२ तक आईएफएफ के महासचिव के रूप में सेवा दी। उनका निधन शुक्रवार को ६६ वर्ष की आयु में हुआ। उनका परिवार में पत्नी और दो पुत्र हैं।
पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट कुशल दास भारतीय फुटबॉल में खेल प्रबंधन और प्रशासन का व्यापक अनुभव लेकर आए थे। अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत में उन्होंने पीडब्ल्यूसी और शेल जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम किया। १९९६ में वैश्विक खेल विपणन और टेलीविजन प्रोडक्शन कंपनी आईएमजी के भारतीय बाजार में आने पर वे वहां मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) के रूप में जुड़े। इसके बाद उन्होंने दुबई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में भी काम किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशासन में उनकी पहचान और मजबूत हुई।
नवंबर २०१० में उन्होंने आईएफएफ के महासचिव पद को संभाला, जिसे उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक निभाया। अपने कार्यकाल के दौरान दास ने कई महत्वपूर्ण आयोजनों और संरचनात्मक बदलावों की देखरेख की, जिससे भारत में फुटबॉल की पहचान को नई ऊँचाई मिली। उनके नेतृत्व में भारत ने २०१७ में फीफा अंडर-१७ वर्ल्ड कप का सफल आयोजन किया। महिला फुटबॉल में भी इस अवधि में महत्वपूर्ण प्रगति हुई और २०११७ में इंडियंस विमेंस लीग की शुरुआत हुई। उनके कार्यकाल के अंतिम चरण में भारत ने २०२२ एएफसी महिला एशियन कप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का सफल आयोजन किया।
आईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा, “कुशल दास ने आईएफएफ महासचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय फुटबॉल के प्रशासन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय फुटबॉल के लिए उनके प्रयास हमेशा याद किए जाएंगे। भारतीय फुटबॉल समुदाय की ओर से उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति इस कठिन समय में गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”
आईएफएफ के डेप्यूटी सेक्रेटरी जनरल एम. सत्यनारायण ने कहा, “कुशल दास का निधन सुनकर गहरा दुःख हुआ। वे आईएफएफ के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले महासचिवों में से एक थे और १२ साल से अधिक समय तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल में फुटबॉल हाउस के प्रशासन में कई बदलाव हुए और कई नए विभाग स्थापित हुए। मैंने व्यक्तिगत रूप से कई अवसरों पर उनके साथ संपर्क किया, और उनका निधन खेल प्रशासन के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”

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