गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का घोषणापत्र जारी करते हुए सत्ता में वापसी पर तीन महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी को राज्य के आदिवासी और अन्य जातीय समुदायों के अधिकारों को प्रभावित किए बिना लागू किया जाएगा। साथ ही, ‘लव जिहाद’ और अवैध कब्जे के खिलाफ कड़े कानून लाने तथा अवैध प्रवासियों को निष्कासित करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि सरकार अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और राज्य की जमीन को घुसपैठियों से मुक्त कराया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि घुसपैठ की समस्या का कोई निश्चित समयसीमा तय करना संभव नहीं है।
महिलाओं और किसानों के लिए बड़े वादे
घोषणापत्र में कई विकास और कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की गई है। इसके तहत:
महिलाओं को हर महीने ३,००० रुपये देने का वादा
छोटे किसानों को ११,००० रुपये वार्षिक सहायता
युवाओं के लिए २ लाख सरकारी नौकरियां
१० लाख उद्यमी तैयार करने की योजना
बालवाड़ी से स्नातकोत्तर तक मुफ्त शिक्षा
इसके अलावा, बाढ़ नियंत्रण के लिए १,८०० करोड़ रुपये का मिशन और ५०,००० करोड़ रुपये के निवेश से स्वास्थ्य ढांचा विकसित करने की योजना भी शामिल है।
कांग्रेस पर निशाना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने असम में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर राज्य की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने असम के विकास और उसकी पहचान दोनों की रक्षा की है।











