नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह समझौता “बराबरी की शर्तों पर नहीं” किया गया और इससे देश के किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि इस समझौते में भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क बढ़ाया गया है, जबकि अमेरिकी उत्पादों पर भारत ने शुल्क कम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में किसानों के हितों की अनदेखी की गई है।
राहुल गांधी ने कहा, “यह समझौता बराबरी का नहीं है। सरकार को शर्म आनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपनी खाद्य, ऊर्जा और डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
शुल्क और डेटा पर उठाए प्रश्न
राहुल गांधी के अनुसार, भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका में आयात शुल्क पहले लगभग ३ प्रतिशत था, जो अब १८ प्रतिशत हो गया है। वहीं, वस्तुओं पर भारत द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क को १६ प्रतिशत से घटाकर शून्य किए जाने का दावा उन्होंने किया।
उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच वैश्विक प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का डेटा और उसकी बड़ी आबादी एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पूंजी है।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार:
समाचार लिखे जाने तक सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अमेरिका–भारत व्यापार समझौते को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।











