नई दिल्ली: अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, इस फैसले से लगभग १४ करोड़ बैरल ईरानी तेल वैश्विक बाजार में उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह अनुमति केवल उस तेल तक सीमित है जो पहले से समुद्र में टैंकरों में फंसा हुआ है और इसमें किसी नए उत्पादन या खरीद की अनुमति नहीं दी गई है। इस कदम का उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाना और हाल ही में बढ़ी तेल कीमतों पर दबाव कम करना है।
युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब ७० डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर लगभग ११९.५० डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। वहीं, अमेरिका में पेट्रोल की कीमत भी 3 डॉलर प्रति गैलन से बढ़कर ३.९९ डॉलर प्रति गैलन हो गई है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस अस्थायी अनुमति के बावजूद ईरान पर “अधिकतम दबाव” की नीति जारी रहेगी और उसे इस तेल से होने वाली आय तक आसानी से पहुंच नहीं मिल पाएगी। यह छूट सीमित अवधि के लिए है और 19 अप्रैल तक लागू रहेगी।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रहा है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल युद्धविराम की कोई योजना नहीं है।










