नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लगभग १.७४ लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन निर्णयों में उर्वरक सब्सिडी, ऊर्जा बुनियादी ढांचा, शहरी परिवहन और जलविद्युत परियोजनाएँ शामिल हैं। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी युद्धविराम पर सहमति हुई है।
मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं: १. खरीफ २०२६ के लिए उर्वरक सब्सिडी:
सरकार ने आगामी खरीफ सीजन के लिए 41,534 करोड़ रुपये के पोषक तत्व आधारित अनुदान (एनबीएस) को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में उर्वरक की कीमतों में उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाना है। डीएपी के अंतरराष्ट्रीय मूल्य बढ़ने के बावजूद किसान इसे १,३५० रुपये (प्रति ५० किग्रा) में ही प्राप्त करेंगे। यह सब्सिडी १ अप्रैल २०२६ से ३० सितंबर २०२६ तक लागू होगी। २. एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी विस्तार:
राजस्थान के पचपदरा (बालोतरा जिला) में स्थित इस रिफाइनरी की संशोधित लागत ७९,४५९ करोड़ रुपये पहुँच गई है, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी। जुलाई २०२६ से व्यावसायिक रूप से संचालन में आने वाली इस रिफाइनरी से निर्माण के दौरान १ लाख और संचालन के बाद १०,००० प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। ३. जयपुर मेट्रो फेज २:
शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए १३,०३८ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक ४१ किलोमीटर कॉरिडोर को कवर करेगा। ४. बड़ी जलविद्युत परियोजनाएँ:
मंत्रिमंडल ने दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है:
कमला जलविद्युत परियोजना: १,७२० मेगावाट (लागत: २६,०७० करोड़)
कलाई जलविद्युत परियोजना: १,२०० मेगावाट (लागत: १४,१०६ करोड़)
इन परियोजनाओं से भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ेगी और बिजली की उच्च मांग को प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।
ये सभी स्वीकृत प्रस्ताव कृषि सहायता, ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचा विकास में बड़ी निवेश को दर्शाते हैं, जो रोजगार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखते हैं।










