अफगानिस्तान: भूकंप से ६१० लोगों की मौत, १३०० घायल

IMG-20250901-WA0131

काबुल: पाकिस्तान की सीमा के निकट पूर्वी अफगानिस्तान में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम ६१० लोगों की मौत हो गई और १,३०० से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इस बात की जानकारी तालिबान सरकार के एक प्रवक्ता ने दी।
उनके मुताबिक खोज एवं बचाव दल की टीम लगी हुई और मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की भी आशंका है। यह भूकंप के झटके रविवार देर रात पड़ोसी नंगरहार प्रांत के जलालाबाद शहर के समीप कुनार प्रांत के कई कस्बों में महसूस किए गए।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, रात ११:४७ बजे आए ६.० तीव्रता के भूकंप का केंद्र नंगरहार प्रांत के जलालाबाद शहर से २७ किलोमीटर दूर पूर्व-उत्तरपूर्व में था। भूकंप का केंद्र जमीन से आठ किलोमीटर की गहराई में था। कम गहराई वाले भूकंप ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
६१० लोग मारे गए:
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि देर रात आए भूकंप में कुनार में ६१० लोग मारे गए और १,३०० घायल हुए। कई मकान तबाह हो गए। कानी ने बताया कि नंगरहार में कई लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।
जन स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत ज़मान ने बताया कि वहां बचाव अभियान अब भी जारी है और कई गांव पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। मृतकों और घायलों के आंकड़े बदल रहे हैं। कुनार, नंगरहार और राजधानी काबुल से चिकित्सा दल इलाके में पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में हताहतों की संख्या अभी पता नहीं चल पाई है और मृतकों व घायलों की संख्या बढ़ने के साथ ही इन आंकड़ों में बदलाव की आशंका है।
३ लाख की आबादी वाला क्षेत्र बना बिरान:
पड़ोसी देश पाकिस्तान से निकटता और दोनों देशों के बीच सीमा पार का एक प्रमुख केंद्र होने के कारण जलालाबाद एक चहल-पहल वाला व्यापारिक शहर है।
नगरपालिका के अनुसार, इसकी आबादी लगभग ३,००,००० है, लेकिन इसका महानगरीय क्षेत्र कहीं ज़्यादा बड़ा माना जाता है। इसकी ज़्यादातर इमारतें कम ऊंचाई वाली हैं, जो अधिकतर कंक्रीट और ईंटों से बनी हैं और इसके बाहरी इलाकों में मिट्टी की ईंटों और लकड़ी से बने घर हैं। कई मकानों की गुणवत्ता घटिया है।
जलालाबाद में खेती भी काफी होती है, जिसमें खट्टे फल और चावल शामिल हैं तथा काबुल नदी इसी शहर से होकर बहती है। सात अक्टूबर २०२३ को अफ़ग़ानिस्तान में ६.३ तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद तेज़ झटके भी महसूस किए गए थे। तालिबान सरकार का अनुमान है कि इस भूकंप में कम से कम ४,००० लोग मारे गए।

About Author

Advertisement