गान्तोक: अंतरराष्ट्रीय नेपाली साहित्य समाज (अनेसास) का स्थापना दिवस सिक्किम चैप्टर द्वारा काव्य संगोष्ठी के साथ भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनेसास सिक्किम चैप्टर के अध्यक्ष रुद्र पौडेल ने की।
कार्यक्रम में अनेसास एशिया की कार्यकारी रत्ना लक्ष्मी सुब्बा ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा कि समाज साहित्य के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि विश्व के विभिन्न देशों में साहित्यिक कार्यक्रमों के ज़रिये आपसी संबंध और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अनेसास का लक्ष्य नेपाली भाषा, साहित्य, कला, संगीत और नृत्य का संरक्षण ही नहीं, बल्कि उनके सृजनात्मक विकास, प्रकाशन, अनुवाद, शोध और अध्ययन को प्रोत्साहित करना भी है। साथ ही, युवा पीढ़ी को नेपाली सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाली साहित्य की पहचान को विस्तार देने का उद्देश्य भी समाज ने रखा है।
अध्यक्षीय संबोधन में पौडेल ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि साहित्य जीवन के अर्थ को वहन करने वाली सर्वाधिक सार्थक विधा है। उन्होंने समाज में घटती पठन संस्कृति पर चिंता व्यक्त करते हुए सक्रिय सहभागिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नेपाली साहित्य परिषद के अध्यक्ष हरि ढुंगेल, पूर्व अध्यक्ष प्रद्युम्न श्रेष्ठ सहित विभिन्न साहित्यकारों ने गीत, कविता, मुक्तक, लोककथा और एकांकी पाठ प्रस्तुत किए।
डा. पारसमणि दंगाल के संचालन में संपन्न कार्यक्रम में साहित्यकारों, संगीतकारों और प्रबुद्ध जनों की विशेष उपस्थिति रही।









